जिंदगी एक तोहफा
" कुछ मेहेंगे तोहफे कभी कभी बाप से विरासत में मिलते है और कभी कभी कुछ सस्ते तोहफे , जैसे कपडा, घड़िया , साड़िया अपनों में ही घुमते रहते है "
लड़का हो या लड़की , बच्चा हो या बुढ़ा , शहंशाह हो या सिपाही , आशिक हो या अकेला कोई , सभी को एक चीज अच्छी लगती लगती है।वो चीज कौनसी है पता है ? वो चीज है तोहफा !
तोहफा, ये कुछ ऐसा होता है की , नफ़्रतो की दरारों को दूर भगाता है उन्हें नजदीक लाकर , नही तो दो दिलो के बिच से पुरा समंदर बहा देता है। इसलिये मैने सबको दुनिया का सबसे अमुल्य तोहफा देना चाहता हु , पैसे ? नहीं नहीं पैसा तो कितना भी दे दो, कम ही होता है ! जरुरतमंद चीजे ? दे दे कर थक जाऊंगा , माँगने वाला एक वक्त शर्मा जाये।
अगर देना ही हो तो वक्त दे दो , वो भी जरुरत के समय पर , उसकी किम्मत पैसो से ज्यादा होती है। ऐसे मुझे लगता है !मगर मैंने या किसी और ने तुम्हे वक्त देने से भी अच्छा तोहफा पता है क्या है ? तुमने खुदको इस व्यस्त जीवन में थोड़ा वक्त देना चाहिये !
मे तो किताबे देना पसंद करता हु , साथ मे कुछ तस्वीरें , जिनसे पुरानी यादें ताज़ा हो। नहीतो सबसे सस्ता , मजबुत और टिकाऊ तोहफा दे देता हु , शुभकामनाओं का।
वैसे तो जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा खुद ये जिंदगी है ,ये वक्त , ये पल , ये सब , जो जो जी रहे है हम , सब ये एक तोहफा ही तो है और जो मिल रहा जिंदगी में औरों से तोहफे में लिपटा और कोई तोहफा है। जिंदगी के तोहफे में चाहिए कुछ और , पर मिलता कुछ और है , पर आगे बढ़ते जाना है।
मुझे तोहफे देना और लेना दोनो अच्छे लगते है , उससे हेसियत पता चलती है , अपनी भी और सामने वाले की भी। तब लगता है , बोहोत कुछ मिलता है , सभी से मिलता है , अनेक रूपों में मिलता और सब बहुमूल्य होता है , तब लगता है " कुछ मेहेंगे तोहफे कभी कभी बाप से विरासत में मिलते है और कभी कभी कुछ सस्ते तोहफे जैसे कपडा, घड़िया , साड़िया अपनों में ही घुमते रहते है "
" कुछ मेहेंगे तोहफे कभी कभी बाप से विरासत में मिलते है और कभी कभी कुछ सस्ते तोहफे , जैसे कपडा, घड़िया , साड़िया अपनों में ही घुमते रहते है "
लड़का हो या लड़की , बच्चा हो या बुढ़ा , शहंशाह हो या सिपाही , आशिक हो या अकेला कोई , सभी को एक चीज अच्छी लगती लगती है।वो चीज कौनसी है पता है ? वो चीज है तोहफा !
तोहफा, ये कुछ ऐसा होता है की , नफ़्रतो की दरारों को दूर भगाता है उन्हें नजदीक लाकर , नही तो दो दिलो के बिच से पुरा समंदर बहा देता है। इसलिये मैने सबको दुनिया का सबसे अमुल्य तोहफा देना चाहता हु , पैसे ? नहीं नहीं पैसा तो कितना भी दे दो, कम ही होता है ! जरुरतमंद चीजे ? दे दे कर थक जाऊंगा , माँगने वाला एक वक्त शर्मा जाये।
अगर देना ही हो तो वक्त दे दो , वो भी जरुरत के समय पर , उसकी किम्मत पैसो से ज्यादा होती है। ऐसे मुझे लगता है !मगर मैंने या किसी और ने तुम्हे वक्त देने से भी अच्छा तोहफा पता है क्या है ? तुमने खुदको इस व्यस्त जीवन में थोड़ा वक्त देना चाहिये !
मे तो किताबे देना पसंद करता हु , साथ मे कुछ तस्वीरें , जिनसे पुरानी यादें ताज़ा हो। नहीतो सबसे सस्ता , मजबुत और टिकाऊ तोहफा दे देता हु , शुभकामनाओं का।
वैसे तो जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा खुद ये जिंदगी है ,ये वक्त , ये पल , ये सब , जो जो जी रहे है हम , सब ये एक तोहफा ही तो है और जो मिल रहा जिंदगी में औरों से तोहफे में लिपटा और कोई तोहफा है। जिंदगी के तोहफे में चाहिए कुछ और , पर मिलता कुछ और है , पर आगे बढ़ते जाना है।
मुझे तोहफे देना और लेना दोनो अच्छे लगते है , उससे हेसियत पता चलती है , अपनी भी और सामने वाले की भी। तब लगता है , बोहोत कुछ मिलता है , सभी से मिलता है , अनेक रूपों में मिलता और सब बहुमूल्य होता है , तब लगता है " कुछ मेहेंगे तोहफे कभी कभी बाप से विरासत में मिलते है और कभी कभी कुछ सस्ते तोहफे जैसे कपडा, घड़िया , साड़िया अपनों में ही घुमते रहते है "
यार तू ही इक हिरा है।
ReplyDeleteohhh hahah Thank you ... Hira hai sada ke liye
DeleteMast
ReplyDelete👌👌👌👌
glad you read it ... Thank you
DeleteAs always....जहापनां तूसी ग्रेट हहो....तोंफा कबूल करो👌👌👌👌👍👍👍👍
ReplyDeleteBhari re
ReplyDeleteBhari re
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